وَٱلشَّمْسِ وَضُحَىٰهَا
Washshamsi waduhaha
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
The Sun
وَٱلشَّمْسِ وَضُحَىٰهَا
Washshamsi waduhaha
सूरज की क़सम! तथा उसके ऊपर चढ़ने के समय की क़सम!
وَٱلْقَمَرِ إِذَا تَلَىٰهَا
Walqamari itha talaha
तथा चाँद की (क़सम), जब वह सूरज के पीछे आए।
وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا
Wannahari itha jallaha
और दिन की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को प्रकट कर दे!
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰهَا
Wallayli itha yaghshaha
और रात की (क़सम), जब वह उस (सूरज) को ढाँप ले।
وَٱلسَّمَآءِ وَمَا بَنَىٰهَا
Wassama-i wama banaha
और आकाश की तथा उसके निर्माण की (क़सम)।
وَٱلْأَرْضِ وَمَا طَحَىٰهَا
Wal-ardi wama tahaha
और धरती की तथा उसे बिछाने की (क़सम!)1
وَنَفْسٍ وَمَا سَوَّىٰهَا
Wanafsin wama sawwaha
और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।
فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَىٰهَا
Faalhamaha fujooraha wataqwaha
फिर उसके दिल में उसकी बुराई और उसकी परहेज़गारी (की समझ) डाल दी।1
قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّىٰهَا
Qad aflaha man zakkaha
निश्चय वह सफल हो गया, जिसने उसे पवित्र कर लिया।
وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا
Waqad khaba man dassaha
तथा निश्चय वह विफल हो गया, जिसने उसे (पापों में) दबा दिया।1
كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَىٰهَآ
Kaththabat thamoodu bitaghwaha
समूद (की जाति) ने अपनी सरकशी के कारण झुठलाया।
إِذِ ٱنۢبَعَثَ أَشْقَىٰهَا
Ithi inbaAAatha ashqaha
जब उसका सबसे दुष्ट व्यक्ति उठ खड़ा हुआ।
فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ ٱللَّهِ نَاقَةَ ٱللَّهِ وَسُقْيَـٰهَا
Faqala lahum rasoolu Allahi naqataAllahi wasuqyaha
तो अल्लाह के रसूल ने उनसे कहा : अल्लाह की ऊँटनी और उसके पीने की बारी का ध्यान रखो।
فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُم بِذَنۢبِهِمْ فَسَوَّىٰهَا
Fakaththaboohu faAAaqaroohafadamdama AAalayhim rabbuhum bithanbihim fasawwaha
परंतु उन्होंने उसे झुठलाया और उस (ऊँटनी) की कूँचें काट दीं, तो उनके पालनहार ने उनके गुनाह के कारण उन्हें पीस कर विनष्ट कर दिया और उन्हें मटियामेट कर दिया।
وَلَا يَخَافُ عُقْبَـٰهَا
Wala yakhafu AAuqbaha
और वह उसके परिणाम से नहीं डरता।1